Surajkund Mela के थीम स्टेट गुजरात पवेलियन देखने के लिए दर्शकों में ख़ास उत्साह

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Surajkund Mela के थीम स्टेट गुजरात पवेलियन देखने के लिए दर्शकों में ख़ास उत्साह
Surajkund Mela : हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित किए जा रहे 37वें सुरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में आने वाले पर्यटक थीम स्टेट गुजरात की ओर खींचे चले आ रहे हैं। गुजरात के साधू बेट द्वीप पर स्थापित 182 मीटर की ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटि की प्रतिकृति शिल्प मेला में पर्यटकों के लिए ख़ास आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। यह मुख्य चौपाल के मंच के पास स्थापित की गई है। शिल्प मेले में आने वाले देशी - विदेशी पर्यटक स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के साथ सेल्फी लेते नजर आए। एकता की प्रतीक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार वल्लभ भाई पटेल की महान विरासत का प्रतिनिधित्व करती है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण मूर्तिकार राम वी. सुतार द्वारा किया गया जो आम जनता के लिए वर्ष 2018 में पर्यटक स्थल के रूप में स्थापित की गई। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है तथा यह कला का अद्भुत उदाहरण है। सरदार पटेल की राजनीतिक एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका को इस महान शिल्प के माध्यम से वर्णित किया गया है।

थीम स्टेट गुुजरात के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव धोरड़ो की स्टॉल्स पर भी पर्यटक बरबस ही खिंचे चले आए। इस गांव के स्टॉल पर गुजरात के प्रसिद्ध गरबा नृत्य के कलात्मक चित्रों के साथ हर पर्यटक सेल्फी लेता नजर आया। धोरड़ो में तीन माह के रण उत्सव मेले का भी आयोजन किया जाता है। इसीलिए इसे  संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने ग्रामीण विकास पर्यावरण के साथ संतुलित पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए पहचान दी है।

थीम स्टेट गुजरात के नृत्य गरबा को पर्यटकों द्वारा खूब सराहा गया। शिल्प मेले में पहुंचे पर्यटक गरबा के स्टॉल के साथ खूब सेल्फी लेते नजर आए। यूनेस्को ने गुजरात की सांस्कृतिक धरोहर गरबा को महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में घोषित किया है। इस महान सम्मान से गरबा नौ दिवसीय नवरात्री महोत्सव के दौरान सामाजिक समावेश और एकता को बल प्रदान करता है।

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