Haryana News: हरियाणा में बीजेपी को बड़ा झटका, हिसार सांसद बृजेंद्र सिंह ने छोड़ी पार्टी

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Haryana News: हरियाणा में बीजेपी को बड़ा झटका, हिसार सांसद बृजेंद्र सिंह ने छोड़ी पार्टी
Haryana News: हरियाणा के हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह ने भाजपा छोड़ दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस्तीफे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक वजहों से मैं भाजपा छोड़ रहा हूं। 

थोड़ी देर में वह दिल्ली में कांग्रेस जॉइन करेंगे। हालांकि अभी उनके पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हो रहे है। 


 

बता दें कि पिता-पुत्र लगातार हरियाणा में भाजपा को जजपा से गठबंधन तोड़ने की वकालत कर रहे थे। हरियाणा को लेकर रविवार दोपहर तक भाजपा उम्मीदवारों की अभी कोई लिस्ट नहीं आई है, लेकिन चर्चा यह है कि पहली लिस्ट में 6 उम्मीदवारों के नाम फाइनल हो चुके हैं। 

जिसमें बृजेंद्र सिंह की टिकट कटने या फिर उनकी इच्छा के मुताबिक सीट न मिलने की बात सामने आ रही है। इन हालातों को देखते हुए बृजेंद्र ने भाजपा छोड़ने का फैसला लिया। बताया यह भी जा रही है कि सूबे के बड़े कांग्रेसी नेताओं ने उन्हें टिकट का आश्वासन दिया है।

बृजेंद्र सिंह के इस्तीफे के बाद भाजपा की हरियाणा में सरकार की सहयोगी जजपा का रास्ता अब साफ हो गया है। सूत्रों के मुताबिक अब भाजपा हरियाणा में गठबंधन की सहयोगी जजपा को एक लोकसभा सीट दे सकती है। 

संभावना है कि हिसार लोकसभा सीट से जजपा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को उम्मीदवार बनाया जाए। हालांकि जजपा के नेता अभी तक गठबंधन को लेकर संशय में है, इसकी वजह यह है कि अभी तक भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से इसको लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए गए हैं।

दरअसल साल 2019 में हरियाणा के रण में भाजपा ने कई ऐसे उम्मीदवारों को मौका दिया है जो पहली बार राजनीति में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इन नामों में एक नाम है केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह का. 

भाजपा ने केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के आईएएस बेटे बृजेंद्र सिंह को हिसार लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भी हिसार से सांसद रह चुके हैं. 1984 में ओमप्रकाश चौटाला (लोकदल) को हराकर वह कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने थे. बृजेंद्र सिंह के राजनीति में आने के कई महीनों से कयास लगाए जा रहे थे. 

लेकिन लोकसभा चुनावों से ठीक पहले उन्हें भाजपा में शामिल किया गया और हिसार से उम्मीदवार बनाया गया. बृजेंद्र को टिकट मिलने से केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह की पार्टी में मजबूत पकड़ को भी साबित किया है। बृजेंद्र सिंह ने आईएएस परीक्षा में ऑल इंडिया में नौवां स्थान प्राप्त किया था. 26 साल की उम्र में आईएएस बनने के बाद पहली ज्वाइनिंग नारनौल एसडीएम के तौर पर हुई थी. 

सिरसा एडीसी पद पर रहे. पंचकूला, फरीदाबाद, चंडीगढ़ में डीसी रहे. हुडा के एडमिनिस्ट्रेटर भी रहे और अब हैफेड के एमडी हैं. बृजेंद्र हरियाणा कैडर 1998 के आईएएस हैं. दिल्ली में पढ़ाई करने वाले बृजेंद्र सिंह का जन्म 13 मई 1972 को हुआ था. चार साल दादी के पास रोहतक में, छठी से आठवीं तक चंडीगढ़, नौवीं से बारहवीं तक दिल्ली के 12 खंभा रोड पर मॉडर्न स्कूल, एमए हिस्ट्री जेएनयू दिल्ली से की. 

बृजेंद्र सिंह ने बीए ऑनर्स (हिस्ट्री) एसटी. स्टीफन कॉलेज दिल्ली से की. इस कॉलेज से सर छोटूराम एवं बृजेंद्र सिंह के दादा नेकी राम ने भी शिक्षा ग्रहण की थी. बृजेंद्र सिंह का कार्यकाल 2032 तक था. उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर अपनी राजनीति पारी की शुरूआत भाजपा से की. बृजेंद्र सिंह की पत्नी जसमीत सिंह एचडीएफसी बैंक चंडीगढ़ में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. बेटा समरवीर आठवीं कक्षा का छात्र है, तो बेटी कुदरत सिंह 12वीं कक्षा की छात्रा है.

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