Haryana Aadti Strike: हरियाणा की सब्जी मंडियों में आढ़तियों ने की हड़ताल, सरकार से कई मुद्दों पर नहीं बनी बातचीत

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हरियाणा की सब्जी मंडियों में आढ़तियों ने की हड़ताल
 

Haryana Aadti Strike:हरियाणा में मार्केट फीस लगाने के विरोध में उतरे सब्जी मंडी के आढ़तियों ने एक बार फिर हड़ताल कर दी हैं।

शनिवार सुबह से ही प्रदेशभर की सब्जी मंडी में आढ़ती हड़ताल पर चले गए। जिसकी वजह से दिल्ली व अन्य प्रदेशों से आने वाली सब्जी की गाड़ियां नहीं पहुंची।

हालांकि हड़ताल का पहला दिन होने के कारण अभी सब्जी की किल्लत जैसी स्थिति नहीं है।

दरअसल, हरियाणा में एडवांस टैक्स को लेकर प्रदेश की सब्जी मंडी एसोसिएशन एवं सरकार के बीच वार्ता सिरे नहीं चढ़ी है।

जिसके बाद आज प्रदेशभर की अधिकतर सब्जी मंडियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है। ऑल इंडिया सब्जी मंडी एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र ठकराल ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल प्रदेश सरकार के नुमाइंदों से एक बार फिर मुलाकात करेगा।

इस बार आढ़तियों ने अनिश्चिकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।

बता दें कि 21 दिसंबर को भी आढ़तियों ने मार्केट फीस और एचआरडीएफ वापसी की मांग पर हड़ताल पर जाने का फैसला लिया था।

आढ़तियों का कहना है कि उनकी दो मांगों के लिए वे पहले भी सरकार के समक्ष अपनी बात रख चुके हैं लेकिन सरकार की ओर से मांगों को मानने का आश्वासन दिया था। अभी तक उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

जहां सरकार मार्केट फीस को कम करने के मान गई थी। आढ़तियों की मांग थी कि मार्केट फीस को पूरी तरह से माफ कर दिया जाए।

इसके लिए एसोसिएशन पिछले दो वर्षों से जुटी हुई है। आढ़तियों का कहना है कि कोरोना काल के दौरान सरकार की ओर से मंडियों पर मार्केट फीस लगाई गई थी।

लेकिन सरकार ने उन्हें कहा था कि हालात सुधरने के बाद इसे वापस ले लिया जाएगा। लेकिन अभी तक भी इस फीस को वापस नहीं लिया है।

सब्जियों और फलों के बढ़ेंगे दाम

हड़ताल के कारण लोगों को सब्जी मिलने में परेशानी होगी तो वहीं सब्जियों व फलों के दामों में भी उछाल देखने को मिल सकता है।

बीते वर्ष 21 दिसंबर को हुई हड़ताल के कारण भी लोगों को सब्जी और फल मिलने में परेशानी हुई थी। इतना ही नहीं सब्जियों व फलों की मांग को देखते हुए उनके दाम भी दो गुना हो गए थे।

ऐसे में एक बार फिर से हड़ताल होने के कारण आमजन को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। हालांकि बड़ी मुश्किलें उनके सामने खड़ी हो गई है, जिनके यहां विवाह-शादी का फंक्शन है। ऐसे में सब्जी खरीदना उनके लिए मुश्किल हो गया है।

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