Chandigarh News: मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन की हरियाणा यूनिट भंग नई कमेटी बनाने के लिए 5 सदस्य किए गए नियुक्त

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Chandigarh News: मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन की हरियाणा यूनिट भंग  नई कमेटी बनाने के लिए 5 सदस्य किए गए नियुक्त 
Chandigarh News: मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन (रजिस्टर्ड) उत्तर भारत की हरियाणा राज्य की सभी ईकाइयों को तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। एसोसिएशन के के प्रमुख समन्वयक दीपक मिगलानी ने कहा है कि हरियाणा यूनिट की सभी इकाइयां तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं। राज्य कार्यकारिणी के साथ-साथ अतीत में नियुक्त किए गए सभी जिला अध्यक्ष व जिला कमेटियों को शीघ्र रद्दो बदल करने के लिए मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन के 5 सदस्यों की नियुक्ति की गई है। इस कमेटी का नेतृत्व तरुण कपूर अंबाला करेगे और कमेटी के संयोजक प्रमोद कौशिक होंगे। 3 अन्य सदस्यों में प्रवीण भाद्वाज (पानीपत), देवीदास शारदा (यमुनानगर) और मदन ब्रेजा (पानीपत) होंगे। दीपक मिगलानी ने बताया कि संस्थान की  संवैधानिक प्रक्रिया के तहत निष्क्रिय चल रहे कई प्रांतों के कईं पदाधिकारियों को पहले भी बदला गया है। संस्था की कोर कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि 5 जून तक हरियाणा प्रांत यूनिट और जिला इकाइयों का पूर्नगठन किया जाएगा। संस्था की कोर कमेटी की बैठक में हुए निर्णय के अनुसार जो जिला अध्यक्ष विगत 2 वर्षों से सराहनीय कार्य कर रहे हैं, उन्हें उनके पदों पर यथावथ रखा गया है, जिनमें देवीदास शारदा (यमुनानगर), पवन चोपड़ा (कुरुक्षेत्र), कृष्ण बाली (अंबाला), नरेंद्र वत्स (रेवाड़ी), यूनस अलवी (नूंह-मेवात), गुरुदत्त गर्ग (पलवल) को फिलहाल उनके पदो पर यथावथ रखा जा रहा है। मिगलानी ने बताया कि इसके अलावा हरियाणा प्रदेश की शेष कार्य़कारिणी का गठन 5 जून तक निर्धारित होगा। हरियाणा के लिए गठित 5 सदस्यीय कमेटी के पर्यवेक्षेक विनोद खूंगर (कुरुक्षेत्र होंगे)।

एक परिवार में रहे एक से अधिक विधायक या सरकारी कर्मचारी पेंशन ले सकते हैं तो पत्रकार क्यों नहीं : धरणी
मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन द्वारा हाल ही में दिवंगत पत्रकार ज्ञानेंद्र भारतरिया के पुत्र को 10 लाख रुपए का चेक प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के हाथों दिलवाया गया था। यह राशि संस्था द्वारा करवाए गए बीमा की थी। 
दरअसल पत्रकारों को पैंशन देने के मामले में सरकार की अधिसूचना 14 नवम्बर 2023 में एक परिवार में एक से अधिक पत्रकार को पैंशन न देने का जिक्र है। संस्था ने यह अधिसूचना सरकार से शीघ्र वापिस लेने की अपील की है। धरणी ने कहा कि अगर एक परिवार के अलग-अलग सदस्य सरकारी नौकरी से सेवानिवार्त्ति के बाद पेंशन ले सकते है। विधायकों में पति-पत्नी, पिता-पुत्र, भाई-भाई जो विधायक हैं या रहें है वह ले सकते हैं तो पत्रकारों के एक ही परिवार में रहे पत्रकार सदस्य अलग-अलग क्यों नही? इसके साथ-साथ धरणी ने कहा कि अधिसूचना में किसी भी पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर पैंशन या सरकार से मिलने वाली सुविधाओं को बंद करने का उल्लेख है। सरकार इसे भी शीघ्र वापिस ले। विधायकों या जन प्रतिनिधियों के लिए जिस प्रकार 2 साल या उससे अधिक सजा होने की व्यवस्था है। उसी प्रकार की व्यवस्था पत्रकारों के लिए भी होनी चाहिए। क्योंकि एफआईआर तो फर्स्ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट है, इसको आधार न बना 2 साल या उससे अधिक सजा होने पर ही पत्रकारों के लिए इस अधिसूचना के नियम में संशोधन होना चाहिए।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं का समूह पत्रकारों को देगा सुरक्षा का आवरण : धरणी
बता दें कि पत्रकारों को एक सुरक्षा का आवरण प्रदान करने हेतु संस्था के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी के दिशा निर्देश पर पत्रकारों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने हेतु कानूनी प्रकोष्ठ का भी गठन किया गया है। जिसके अध्यक्ष एडवोकेट अशोक कौशिक (पानीपत) है। इसमें एडवोकेट नवीन जागलन, सुशील कौशिक पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय भी शामिल है। इसके अलावा सुखविंदर नारा, जगदीप घणघस, संजीव जैसे वरिष्ठ अधिवक्ता भी शामिल किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पत्रकार साथियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत आने पर कानूनी सलाह देना है

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