शहर की डेवलपमेंट को आगे बढ़ाना सुमेधा कटारिया के लिए चुनौती,राजेश जोगपाल को परमोशन देते हुए तबादला

शहर की डेवलपमेंट को आगे बढ़ाना सुमेधा कटारिया के लिए चुनौती,राजेश जोगपाल को परमोशन देते हुए तबादला

पंचकूला : नगर निगम प्रशासक राजेश जोगपाल को परमोशन देते हुए हरियाणा सरकार होम-2 में स्पेशल सेक्रेटरी और गुरुद्वारा इलेक्शन का कमिश्नर नियुक्त कर दिया गया है। अब पानीपत की डीसी सुमेधा कटारिया को निगम की आयुक्त की बागडोर सौंप दी गई है। सुमेधा कटारिया का पूरा एक वर्ष का कार्यकाल बचा है। शहर को स्मार्ट सिटी में शामिल करवाना, स्ट्रीट वेंडर्स पॉलिसी के तहत जगह अलॉट करवाना, स्वच्छ सर्वेक्षण में पंचकूला की रैंकिग को और ज्यादा सुधारते हुए लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना, झूरीवाला में लगने वाला सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित करवाना, गारबेज डंप की बायो माइनिग, शहर में इलेक्ट्रोनिक बस सेवा, नगर निगम पंचकूला की आय के साधन बढ़ाने, स्मार्ट सिटी के लिए पंचकूला में पेड पार्किग लगाने जैसी अहम चुनौतियां सुमेधा कटारिया के पास हैं, जिन्हें एक साल में पूरा करना बहुत बड़ा टास्क है। राजेश जोगपाल को ऐसे समय में आयुक्त नियुक्त किया गया था जब एचसीएस और वरिष्ठ आइएएस अधिकारी नगर निगम चलाने में विफल रहे। महापौर सबसे प्रभावशाली थी और कोई अधिकारी नगर निगम में कार्य करने के लिए तैयार नहीं था। राजेश जोगपाल से पहले सभी आयुक्तों के साथ मेयर का झगड़ा जगजाहिर है और जितने भी आयुक्त आये स्थानांतरित होकर चले गए। सड़कों पर खड्ढों के कारण 5 से 6 लोगों की मौत हो गई। स्मार्ट सिटी में आवेदन भी इन्हीं झगड़ों के कारण नहीं हो पाया और पंचकूला स्मार्ट सिटी में पिछड़ गए। स्वच्छ सर्वेक्षण में भी सिटी पिछड़ गई। 241वां स्थान मिला था। मेयर और विधायक के बीच वर्चस्व की लड़ाई चलती रही। जोगपाल ने विकास में नहीं छोड़ी कोई कसर

जब जोगपाल को नियुक्त किया गया, तब शहर की मेयर और पार्षद नगर निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे। जोगपाल ने मेयर और पार्षदों को आश्वासन दिया और सफलतापूर्वक धरना समाप्त करवाकर पंचकूला के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने तत्कालीन डीसी गौरी पराशर जोशी को उनके काम में बाधा डालने से रोका और यहां तक कि उनके खिलाफ सरकार को भी लिखा। जोगपाल द्वारा किए गए काम ज्ञानचंद गुप्ता को एमएलए पंचकूला के रूप में दोबारा जीताने में सफल रहे। जोगपाल के राज में ये काम चढ़े सिरे

पिछले सवा दो साल में राजेश जोगपाल के कार्यकाल में पंचकूला में स्मार्ट लाइटिग के तहत सभी 18581 नॉन एलईडी लाइट्स प्वाइंट्स को एलईडी लाइट्स से बदला जा रहा है। सफेटिपिन के सहयोग से सेफ्टी ऑडिट सर्वे। आवारा कुत्तों की नसबंदी के तहत 7841 कुत्तों का पिछले वर्ष के दौरान स्टरलाइजेशन किया। ग्राम सुखदर्शनपुर में केनेल हाउस के निर्माण का 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ग्रीन पंचकूला के लिए भारतीय हरित भवन परिषद सीआइआइ हैदराबाद को कार्य आवंटित किया गया है। शहरी गतिशीलता और सार्वजनिक व्यस्तता के तहत 53 बस क्यू शेल्टर निर्माणाधीन हैं और 8 राउंडअबाउट पुनर्निर्मित किए गए। एसबीएम प्रगति के तहत 2019 में बेहतरीन कार्य करते हुए 71वां रैंक हासिल किया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के दौरान 142वां रैंक था। खुले में शौच मुक्त एक अक्टूबर 2017 को हुआ। ओडीएफ प्लस जनवरी, 2019, जनवरी 2019 में ओडीएफ प्लस प्लस, 2 स्टार रेटिग 6 मार्च, 2019 को प्रदान की गई। 2020 स्वच्छ भारत सर्वेक्षण के लिए कचरा मुक्त शहर के लिए 5 स्टार रेटिग के लिए आवेदन किया। 2019 में खुले ई-कचरे, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट, सूखे-गीले अपशिष्ट प्रसंस्करण के लिये शानदार काम किए गए।

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