विशाखापट्टनम में जहरीली गैस के रिसाव से बड़ा हादसा, 12 लोगों की मौत, 5 हजार से ज्यादा लोग चपेट में

विशाखापट्टनम में जहरीली गैस के रिसाव से बड़ा हादसा, 12 लोगों की मौत, 5 हजार से ज्यादा लोग चपेट में

विशाखापट्टनम : (ब्यूरो)  आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम की एक फार्मा कंपनी में आज सुबह जहरीली गैस लीकेज हो गई। जिसमें 11 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है। लगभग 800 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए है। जबकि 5 हजार से अधिक लोग गैस की चपेट में आए है। गैस के लीक होने की खबरे के सामने आने के बाद पूरे शहर में तनाव का माहौल बन गया है। गैस के रिसाव होने से लोग पूरी तरह से डर गए हैं। खबरों से मिली जानकारी के मुताबिक, अभी भी हालत नियंत्रण में नहीं है। स्थानीय प्रशासन और नेवी ने फैक्ट्री के आस-पास के गांवों को पूरी तरह से खाली करा दिया है। रिपोर्ट की मानें तो आरआर वेंकटपुरम में स्थित विशाखा एलजी पॉलिमर कंपनी से खतरनाक जहरीली गैस का रिसाव हुआ है।

जहरीली गैस के रिसाव की वजह से फैक्ट्री के 3 किलोमीटर से अधिक के इलाके प्रभावित हैं। फिलहाल, 5 गांवों को खाली करा दिया गया है। सैकड़ों लोग सिर दर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।आंध्र प्रदेश के सीएम ने बीमार लोगों से की बात आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी किंग ने जॉर्ज अस्पताल पहुंच कर बीमार लोगों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना। लगभगल 250 परिवारों को निकाला गया विशाखापत्तनम गैस लीक मामले प देश की राजधानी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। जिसमें सरकार की ओर से बताया गया है कि हालात का जायजा लेने के लिए पुणे से टीम रवाना हो गई है। विशाखापत्तनम में फैक्ट्री के आसपास के इलाकों में रह रहे 200-250 परिवारों को निकाला गया है। मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हुई विशाखापट्टनम जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तिरुमाला राव ने कहा कि 300 और लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गैस की चपेट में आने से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। विशाखापट्टनम में विशेषज्ञों की टीम भेजने का निर्देश प्रधामंत्री के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा ने विशाखापट्टनम में विशेषज्ञों की टीम भेजने का आदेश दिया है। साथ में राहत, बचाव और जरूरी चिकित्सा देने के लिए कहा है। केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने आंध्र प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।  इसमें ज्यादातर बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। जबकि सरकारी अस्पताल में करीब 170 लोगों को भर्ती कराया गया है। इसके अलावा कई लोगों को गोपालपुरम के प्राइवेट अस्पताल में भी भर्ती कराया गया है। 1500-2000 बेड की व्यवस्था कर ली गई है। अभी तक गैस के लीक होने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल मौके पर विशाखापट्टनम के जिलाधिकारी वी विनय चंद पहुंच गए हैं और वह हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी लगाई गई हैं और गांवों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। गैस को बेअसर कर दिया गया आंध्र प्रदेश के डीजीपी डी.जी. सवांग ने कहा कि हादसे में अब तक 8 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। अभी गैस को बेअसर कर दिया गया है। लगभग 800 को अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है और कई डिस्चार्ज भी हो गए हैं। यह कैसे हुआ इसके लिए जांच की जाएगी। पीएम मोदी की आपात बैठक शुरू गैस लीक घटना पर पीएम मोदी की आपात बैठक शुरू हो गई है। बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह भी मौजूद हैं।  जेपी नड्डा बोले- गैस लीक के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ जेपी नड्डा ने कहा कि  बहुत दुख हुआ

मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं सभी की सलामती की प्रार्थना करता हूं। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे सभी स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रशासन के साथ समन्वय कर हर संभव राहत प्रदान करें। गैस के रिसाव की ख़बर से दुखी हूं राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि विशाखापत्तनम के पास एक प्लांट में गैस के रिसाव की ख़बर से दुखी हूं जिसने कई लोगों की जान ले ली। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। मैं घायलों के ठीक होने और सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं। ये फैक्ट्री लॉकडाउन के बाद खुली थी एनडीआरफ डी.जी. ने कहा कि NDRF द्वारा किए जा रहे राहत और बचाव अभियान में कुल 27 व्यक्ति शामिल हैं, जो औद्योगिक रिसाव से निपटने में विशेषज्ञ हैं। 80 से 90 प्रतिशत निकासी पूरी। विशाखापत्तनम की घटना स्टायरिन गैस लीकेज की घटना है जो प्लाटिक का कच्चा माल है। ये फैक्ट्री लॉकडाउन के बाद खुली थी, लगता है रीस्टार्ट होने के क्रम में गैस लीक हुई है। आसपास के गांव प्रभावित हुए हैं। रात के 2:30 बजे उन्हें जहरीली गंध आई और उन्होंने स्थानीय पुलिस,प्रशासन, फायर सर्विस को सूचना दी। लगभग 1000-1500 लोगों को निकाला गया है, 800-1000 लोग अस्पताल गए थे। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 6 मौतों की पुष्टि की है।

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