रमजान पर उलेमाओं ने जारी की एडवाइजरी-इफ्तार पार्टी के बजाय गरीबों को दें राशन

रमजान पर उलेमाओं ने जारी की एडवाइजरी-इफ्तार पार्टी के बजाय गरीबों को दें राशन

गाजियाबाद : (जेपी  मौर्या ) कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए देश में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। इस दौरान पड़ने वाले त्योहारों पर भी लॉकडाउन का असर है। मुसलमानों का पवित्र रमजान का मुबारक महीना 23 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में कोरोना के संक्रमण के साये में रमजान का मुबारक महीना फंसता नजर आ रहा है।

मुसलमानों के लिए रमजान में तरावीह की विशेष नमाज को सामूहिक रूप से अदा करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में कई देशों के मुस्लिम संगठनों ने रमजान को लेकर गाइडलाइंस जारी कर दिए हैं। इसके तहत नमाजियों को घर पर रहकर ही इबादत करने और रोजा इफ्तार में ऐसे मजदूरों को खाना खिलाने की अपील की गई है, जिन पर लॉकडाउन की मार पड़ी है।

भारत में भी कई संगठनों ने मुसलमानों से अपील की है कि वो रमजान के महीने में भी लॉकडाउन के नियमों का पूरी तरह से पालन करें। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो भी निर्देश जारी किए हैं, उनका भी पालन किया जाना चाहिए। नमाज घर पर ही अदा करें और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। धर्मगुरुओं ने कहा कि उम्मीद करते हैं कि नमाजी इस पाक महीने में इफ्तार पार्टी आयोजित करने के बजाय जरूरतमंदों को खाना खिलाएंगे।

लखनऊ में इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली ने गाइडलाइन जारी करते हुए कहा, ‘रमजान में लॉकडाउन का पालन करें और इस महामारी से बचाने के लिए अल्लाह से खास दुआ करें। रमजान में लोग तरावीह की नमाज पढ़ें, लेकिन मस्जिद में एक वक्त में पांच से ज्यादा लोग जमा न हों। मोहल्ले के बाकी लोग मस्जिदों की बजाय घरों में ही रहकर तरावीह और दूसरी नमाजें अदा करें।’

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