प्‍याज की कीमतों पर लगाम लगाने को चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।

प्‍याज की कीमतों पर लगाम लगाने को चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।

चंडीगढ़,25दिसंबर[संदीप सैनी] पंजाब और चंडीगढ़ में प्‍याज कीमतों के मामले में रोज नया रिकार्ड बना रहा है। सिटी ब्‍यूटीफुल में तो इसका भाव आसमान पर पहुंच गया है। यहां प्‍याज की खुदरा कीमतें 120 से 130 रुपये तक पहुंच गई है। ऐसे में प्‍याज की ब्‍लैकमार्केटिंग रोकने के लिए चंडीगढ़़ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इससे आम लोगों को रुलाने वाले प्याज ने अब होलसेल व्यापारियों के भी सर्दी में पसीने छुड़वा दिए हैं।

प्याज की बढ़ती कीमतों और इसकी ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए यूटी प्रशासन अब होलसेल व्यापारियों से एक-एक प्याज का हिसाब लेगा। कितने प्याज किस डीलर ने कहां बेचे, कितना स्टॉक था यह सब हिसाब लिखित में देना होगा। इतना ही नहीं होलसेलर को प्याज के सेल- परचेज का पूरा रिकॉर्ड एक दिसंबर से अब तक की बैंक स्टेटमेंट के साथ दो दिन में जमा कराना होगा।

कारोबारियों को दो दिन में देना होगा एक-एक प्याज का हिसाब

यह सभी रिकॉर्ड सेक्टर-17 स्थित फूड एंड सप्लाई कंज्यूमर अफेयर्स एंड लीगल मेट्रोलॉजी के ऑफिस में मांगा गया है। डिपार्टमेंट के डायरेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दो दिन में ऐसा नहीं करने वाले होलसेलर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ब्‍लैक मार्केटिंग रोकने के लिएसख्‍त आदेश जारी, सेल-परचेज के साथ बैंक स्टेटमेंट भी करवानी होगी जमा

यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने प्याज के लगातार बढ़ते भाव को देखते हुए इसके रेट और ब्लैक मार्केटिंग न हो इसके लिए नजर रखने के आदेश दिए थे। इसके बाद फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट ने टीमों का गठन कर निगरानी शुरू की थी। होलसेलर और रिटेलर्स पर नजर रखते हुए औचक निरीक्षण भी किया।

इसके साथ ही सख्त निर्देश दिए थे कि सेक्टर-26 सब्जी मंडी में काम करने वाले होलसेलर्स, डिस्ट्रीब्यूटिंग एजेंट्स, सेलिंग एजेंट्स २५ मिट्रिक व रिटेलर्स दो मिट्रिक टन तक प्याज का स्टॉक रख सकेंगे। लेकिन व्यापारियों ने ऐसा नहीं किया। इसी वजह से ये आदेश जारी किए गए हैं।

प्रशासन के इन आदेशों से होलसेलर्स को छूट रहे पसीने

प्रशासन के इन आदेशों ने होलसेल व्यापारियों के सर्दी में पसीने छुड़ा दिए हैं। अधिकतर विक्रेता ऐसे हैं जिन्होंने स्टॉक लिमिट को मेंटेन नहीं किया और न ही सेल परचेज का रिकॉर्ड रखा। अब सभी इसी गुणा भाग में जुटे हैं कि कैसे दो दिनों में जवाब देकर कैसे बचा जाए। फूड एंड सप्लाई कंज्यूमर अफेयर्स एंड लीगल मेट्रोलॉजी की ओर से जारी इन आदेशों ने मार्केट कमेटी के अफसरों को भी परेशान कर दिया है। सख्त आदेशों के बाद भी कमेटी स्टॉक लिमिट को मेंटेन नहीं करा पाई। इसलिए कमेटी के जिम्मेदार अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।

प्रशासन भले ही टीमें बनाकर प्याज की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के प्रयासों में लगा है, बावजूद प्याज के रेट कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। अभी भी होलसेल मार्केट में प्याज 100 रुपये प्रति किलो व रिटेल मार्केट में 120-130 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।

” प्याज की ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए व्यापारियों को सेल परचेज का रिकॉर्ड रखने के आदेश दिए गए थे। आदेश के बाद भी अब तक रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है। यही वजह है कि होलसेल व्यापारियों से दो दिन के अंदर पूरा रिकॉर्ड व बैंक स्टेटमेंट मांगी गई है।

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