पूर्व आईएएस मोहिंदर सिंह के ठिकानों पर ईडी की रेड

पूर्व आईएएस मोहिंदर सिंह के ठिकानों पर ईडी की रेड

पूर्व आईएएस मोहिंदर सिंह के ठिकानों पर ईडी की रेड

नोएडा प्राधिकरण अथॉरिटी कार्यकाल में हुए घपलों की वजह से रेड

मोहिंदर सिंह के चार्टर्ड अकाउंटेंट कार्यालय पर भी रेड

दिल्ली(ब्यूरो रिपोर्ट) : आम्रपाली ग्रुप विवाद का जिन्न एक बार फिर बाहर निकला है। अमरपाली ग्रुप के मददगार पूर्व आईएएस मोहिंदर सिंह के सात ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है। मोहिंद्र सिंह के साथ साथ उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट के कार्यालय पर भी ईडी की रेड हुई है। ई डी की रेड सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई है। ईडी महेंद्र सिंह के लखनऊ और मेरठ समेत सात ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

मोहिंदर सिंह जब नोएडा Authority का चैयरमैन था तब उसने लगभग 3,17,59,675.23 वर्ग मीटर जमीन विवादास्पद समूहों को दिया था। मोहिंद्र सिंह के दोनो बच्चे US में रहते है व उनके पास US में अबूत संपति है।

बता दें कि 4000 करोड़ के बकाए के बावजूद नोएडा प्राधिकरण ने जमीन का आवंटन किया। जिस समय यह कार्रवाई की गई उस समय मोहिंदर सिंह नोएडा प्राधिकरण अथॉरिटी थे । ऐसे में सवाल यह उठता है की मोहिंदर सिंह ने किन वजहों से नियमों से ऊपर जाते हुए आवंटन में मदद की।बकाया वसूलने के बजाए जमीन की लीज रिन्यू कैसे होती रही ? प्रश्न ये है कि नोएडा प्राधिकरण के किन किन अधिकारियों से माहिदंर सिंह की मिलीभगत है ?

सूत्र के मुताबिक पता चला कि जब ये मामला सामने आया तो बहुत सारे IAS अधिकारी बीच में शामिल थे, जिनके बडे बडे फलेट अम्रपाली में है। अधिकारीयों की वजह से हजारों एकड़ लैंड नोएडा , ग्रेटर नोएडा में बेच दिये गए। अनिल शर्मा व अमरपाली ग्रुप के विकास की कहानी विवादों में रही है और वही कहा जा रहा है कि इस पूरी कहानी में मोहिंदर सिंह शामिल रहे। महेंद्र सिंह के वक्त कैसे विकास हुआ ये सभी को पता है कि महिदंर सिंह उसमें शामिल है। आज नोएडा व ग्रेटर नोएडा Authority बहुत ही गस्ता हालत में है क्योकि मोहिदंर सिंह ने उसे लूट लिया है।

अब इस मामले में कार्रवाई करते हुए ईडी ने मोहिंदर सिंह को समन भी भेजा है। एडी को अभी इस मामले में महेंद्र सिंह के अलावा इस पूरी लूट में शामिल उन आईएएस अधिकारियों की भी जांच करनी है जिनकी वजह से सरकार को इतना बड़ा घाटा हुआ।

अपने कार्यकाल के दौरान विवादों में रहे महेंद्र सिंह को पता नहीं था कि उनकी रिटायरमेंट के बावजूद यह विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ेंगे और अब ईडी की कार्रवाई महेंद्र सिंह के लिए बड़ा झटका साबित होगी।

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