डिप्टी सीएम ने किन्नू की क्वालिटी को लेकर किसानों से बातचीत की।

डिप्टी सीएम ने किन्नू की क्वालिटी को लेकर किसानों से बातचीत की।

सिरसा, 24 जनवरी
राजनीति में वीआईपी कल्‍चर पर हमेशा से बहस का मुद्दा रहता है। चुनावी समर में नेता चुनाव जीतते हैं और देखते ही देखते उनका ढंग, रहन-सहन सब बदल जाता है। पांव में मिट्टी ना लग जाए, इसके लिए नेताओं के रास्तों में आलीशान कालीन बिछाए जाते हैं। लेकिन आज भी कुछ नेता ऐसे भी हैं, जो राजनीति के ऊंचे मुकाम को हासिल करने के बावजूद अपनी जमीन से जुड़े हुए हैं।
ऐसी ही एक बानगी शुक्रवार को सिरसा में देखने को मिली जब सूबे के डिप्टी सीएम व्यस्त कार्यक्रमों को निपटाने के बाद शहर से 40 किलोमीटर दूर मिठड़ी गांव स्थित अपने खेतों में पहुंचे और वहां अपनी फसलों को देखा। खेतों को संभाल रहे किसानों से उन्होंने काफी देर तक चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अपने किन्नू के बाग में भी काफी समय बिताया। डिप्टी सीएम ने किन्नू की क्वालिटी को लेकर किसानों से बातचीत की। ज्यादा किन्नू लगने से एक पेड़ की टूटी टहनी को डिप्टी सीएम ने उठाया और कहा कि भविष्य में इस तरह वजन से टहनी न टूटे,इसकी भी व्यवस्था करो। इसके बाद गेहूं एवं सरसों की फसल के बारे में चर्चा की एवं खेत में ही काम कर रहे किसानों से आगामी फसल बोने के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि वे पिछले काफी समय से चुनाव और उसके बाद की राजनीति में व्यस्त रहे थे और उनका मन खेतों में आने को कर रहा था। आज उन्होंने खेत में जाने का मन बनाया। डिप्टी सीएम ने कहा कि खेतों में आने के बाद उन्हें मानसिक सुकून मिला है और उनकी सारी थकान दूर हो गई है।

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