झाँसी :स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे बिना पंजीकरण के नगर में चल रहे हैं दर्जनों नर्सिंग होम

झाँसी :स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे बिना पंजीकरण के नगर में चल रहे हैं दर्जनों नर्सिंग होम

झाँसी (संवाददाता : अभिषेक तिवारी) प्रदेश सरकार भले ही स्वास्थ्य चिकित्सा सेवाओ के लिए अहम कदम उठाकर जन जन को कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने न आए इसके लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है किंतु कतिपय लोग इसका लाभ उठाकर शासन की नीतियों को ठेंगा दिखाते हुए अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं उन्हें इससे कोई मतलब नही की जो भी वो कर रहे हैं वह स्वास्थ्य से खिलवाड़ तो है हि साथ ही सीधे सीधे सरकार की नीतियों पर कुठाराघात है झाँसी जनपद में नियमो को ठेंगा दिखाकर लगभग 1 दर्जन से अधिक चल रहे कतिपय नर्सिगहोम की श्रृंखला में एक ऐसा अजूबा मामला सामने आया है जिसने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली/ व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए हम यह बात कर रहे हैं महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के समने लगभग 10 से 15 फिट की गली में खुला तथाकथित नर्सिंगहोम ( न्यू सहारा ) है दरअसल इस नर्सिंगहोम की सुरुआत लगभग 1 साल पहले हो चुकी थी यह जानकर आश्चर्य होगा कि न्यू सहारा नाम के इस नर्सिंग होम का शुभारम्भ एक गढ़मान्य नागरिक द्वारा बीते माह 13 अप्रैल 2020 को किया गया था जबकि इस नर्सिंग होम का पंजिकरण स्वास्थ्य विभाग में पंजिकृत लगभग 113 नर्सिंगहोम  में नही है.

जब इसकी जांच पड़ताल की गई तो सूत्रों के द्वारा पता चला कि यह नर्सिंग होम किसी योग्य चिकित्सक द्वारा संचालित न करके एक तथाकथित नर्स द्वारा संचालित किया जा रहा है और इसमें बुंदेलखंड के दूर दराज ग्रामीण छेत्रो से आने वाले अनजान रोगियों को स्वास्थ्य सेवाएं उप्लब्ध कराने के नाम पर लूटा  जाता है हालात यह है कि यदि कोई केस बिगड़ता है तो संबंधित संचालक द्वारा रोगी व उसके तीमारदारों को डरा धमका के चलता कर दिया जाता है और उसके इलाज में जिन चिकित्सकों की सेवाएं ली जाती है उन्हें बचा लिया जाता है बिना पंजीकरण के किराए के मकान में चलने वाला इस नर्सिंग होम के संबंध में जब मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से जानकारी की गई तो पता चला कि झाँसी जिले में जो भी पंजीकृत नर्सिंग होम्स है उस सूची में न्यू सहारा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर नामक कोई भी नर्सिंगहोम का नाम पंजीकृत ही नही है

इसके बाद कार्यवाही से बचने के लिए संचालकों द्वारा आनन फानन में नर्सिंगहोम के पंजीकरण हेतु 15 मई 2020 को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया किन्तु उसमे कई कमियों को देखते हुए संबंधित विभाग द्वारा यह कहते हुए फाइल वापस कर दी गई जब तक मानक व नियमो की पूर्ति नही की जाएगी तब तक इस नर्सिंगहोम का पंजीकरण नही किया जा सकता उक्त सारी स्थिति से यह तो तय हो गया कि यह नर्सिंगहोम अपने उद्घाटन से लेकर अब तक बिना किसी पंजीकरण के सभी मानकों को डर किनार कर चल रहा था और माननीय जानो द्वारा भी बिना किसी जानकारी के उद्घाटन कर दिया गया था

उसके बाबजूद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस नर्सिंगहोम पर कोई कार्यवाही नही की गई और भी न जाने कितने ऐसे नर्सिंग होम झाँसी जिले में संचालित हो रहे यह विचाराधीन है इस नर्सिंगहोम की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के फर्जी नर्सिंग होम खोलकर सरकार की स्वास्थ्य नीतियों व गरीब जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके जब तक जांच प्रकिया पूरी न हो जाए उक्त नर्सिंग होम को सील  कर दिया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *