आज के दिन हुआ था सिखों के तीसरे गुरू अमरदास का जन्म, जानें 5 मई का पूरा इतिहास

आज के दिन हुआ था सिखों के तीसरे गुरू अमरदास का जन्म, जानें 5 मई का पूरा इतिहास

नई दिल्ली : (ब्यूरो ) पांच मई साल के पांचवें महीने का पांचवां दिन है. इतिहास के पन्‍नों में इस तारीख के नाम कई महत्‍वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं. नेपोलियन और नौशाद अली ने आज ही दुनिया को अलविदा कहा था. जर्मन अर्थशास्त्री और महान विचारक कार्ल मार्क्स और सिख गुरू अमरदास का जन्म 5 मई को ही हुआ था. जानिए देश-दुनिया के इतिहास में पांच मई की तारीख पर दर्ज कुछ अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं

  1. 1479 में आज ही सिखों के तीसरे गुरू अमरदास का जन्म हुआ था.
  2. 1818 में महान विचारक, इतिहासकार और जाने माने जर्मन अर्थशास्त्री कार्ल मार्क्स का जन्म हुआ था.
  3. 1821 में चर्च के वर्चस्व को ढहाने और यूरोप को विज्ञान और बहुसंस्कृति की ओर मोड़ने वाले नेपोलियन का निधन भी 5 मई को ही हुआ था.
  4. 1916 में 5 मई को ही भारत के पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह का जन्म हुआ था.
  5. 1961 में अमेरिका के पहले अंतरिक्ष यात्री कमांडर ऐलन शेपर्ड अपने अंतरिक्ष यान से अटलांटिक महासागर में उतरे थे. उन्हें एक हेलीकाप्टर ने पानी से बाहर निकाला. शेपर्ड ने अपनी इस यात्रा को ‘शानदार सैर’ करार दिया था.
  6. 1980 में लंदन में स्थित ईरानी दूतावास को कुछ हमलावरों के कब्जे से आज़ाद कराया गया था. ब्रिटिश एसएएस कमांडो ने पांच हमलावर ईरानी बंदूकधारियों को मार डाला और एक को हिरासत में लिया था.
  7. 1984 में फू दोरजी आक्सीजन के बिना माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाले पहले भारतीय बने थे.
  8. 2005 में ब्रिटेन में लेबर पार्टी के नेता टोनी ब्लेयर ने तीसरी बार प्रधानमंत्री का पद संभाला था.
  9. 2006 में संगीत के जादूगर कहे जाने वाले संगीत निर्देशक नौशाद अली ने आज ही दुनिया को अलविदा कहा था.
  10. 2010 में आंध्र प्रदेश के श्री हरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से इसरो द्वारा विकसित नई पीढ़ी के उच्च क्षमता वाले साउंडिंग रॉकेट को परीक्षण उड़ान पर भेजा गया. इसे देसी रॉकेटों में अब तक का सबसे भारी रॉकेट बताया गया. इसमें एयर ब्रीथिंग तकनीक वाले स्क्रैमजेट इंजन मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया था.
  11. 2010 : सर्वोच्च न्यायालय ने संदिग्ध अपराधियों पर किए जाने वाले नारको एनालिसिस, ब्रेन मैपिंग अथवा पोलीग्राफ टेस्ट जैसी जांच को अस्वीकार कर दिया और इसे निजी स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताया।
  12. 2017 : इसरो ने दक्षिण एशिया उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया था. सोर्स : गूगल 

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