हुड्डा कॉलोनीवासियों के लिए सपना बना पार्को में घूमना और सैर करना, जानिए कहा का है मामला !

हुड्डा कॉलोनीवासियों के लिए सपना बना पार्को में घूमना और सैर करना, जानिए कहा का है मामला !

: शाम को डरती है महिलाएं पार्को में जाने से : 
: पार्को में शाम को बन जाता है आवारागर्दी और स्टंट  बाजी का नजारा !
: कई बार पार्को की हालत सुधार को लेकर भी कदम उठा चुके है हुड्डा कॉलोनीनिवासी
: सरकार की लाखों करोड़ों की सुविधाओ की घोषणाओं का पार्को में निकला दिवाला !
बवानीखेड़ा  (सुशिल कुमार) :-
आज कल शहरों में पार्को में सौंदर्य कर्ण के नाम से सरकार द्वारा अनेको दावे घोषणाएं की जाती है ताकि पार्को से शहरवासियो और कॉलोनीवासियों को घरों के बाहर ही कुछ  जगह में ही सैर करने का और समय व्यतीत करने का मौका मिल सके। लेकिन बवानीखेड़ा के हुड्डा कॉलोनी के पार्को की हालत देखिये तस्वीरों को देखिए और फिर स्थानीय निवासियों की इन पार्को की बदहाली से होने वाली परेशानियों को भी समझिए ! पार्को में आवरागर्दो द्वारा जाम छलकाने से महिलाएं भी अनहोनी के डर के साये में है। उनका तो पार्को में सैर करना आवारपशुओ और स्टंटबाजो के प्रवेश के कारण केवल एक सपना बना हुआ है !

सुविधा के दावे भी पुराने हो चले है और स्थानीय निवासी भी इस बदहाली समस्या के समाधान को कभी हुड्डा तो कभी स्थानीय नगरपालिका के भी चक्कर काट चुके है और समाधान को विभागीय अधिकारियों से भी गुहार लगा चुके है पर यह समस्या ज्यो की त्यों है।  बवानीखेड़ा के हुड्डा कॉलोनी में पार्को की हालत इतनी बदत्तर है कि औरतों बच्चो की जगह उनमे पशुओ ने शरण ले रखी है ! पार्को के चारो और बनी चारदीवारी भी जर्जर है और उसपर लगी हुई लोहे की जाली भी टूटी हुई है। पार्को में गन्दगी का भी ढेर भी लगा हुआ है जो कि खुले आसमान तले बीमारियों का सरेआम न्योता दे रहे है। पार्को में शाम के वक्त जाम भी छलकाए जाते है जिससे कि महिलाए डर के साये में है उनमे हादसे और दुर्घटना का डर बना हुआ है। महिलाओं का आरोप है कि पार्क तो आमजन की सुविधा के लिए होते है लेकिन यहां पर तो आमजन ही पार्को की बदहाली और शाम को जाम के छलकने से परेसान है !

बवानीखेड़ा नगरपालिका प्रसासन के चैयरमेन प्रतिनिधि हरजीत ओड ने बताया कि पार्को की हालात का सुधारीकरण करने का कार्य उनके अधीन नही आता बल्कि यह कार्य तो हुड्डा विभाग का है। और यदि सरकार की तरफ से पार्को के सौन्दरकर्ण का बजट आता है तो पार्को की हालत का सुधारीकरण का कार्य करवा दिया जाएगा।हमने इसका बजट का एस्टिमेट बना कर भेज दिया गया है। आपको बता दे कि बवानीखेड़ा के पार्को की यह हालत कोई आज की नही है बल्कि यह पुरानी समस्या है जिसका सिवा आश्वाशनो के कोई समाधान नही है। स्थानीय निवासी अब इस बात से भी परेसान है कि आखिर यह कॉलोनी किसके दायरे में आती है क्योंकि समस्या के समाधान को कभी नगरपालिका तो कभी हुड्डा सेक्टर के विभागीय अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे है जो कि वह कई बार काट चुके है ! लेकिन इसके बावजूद भी इस समस्या का कोई समाधान नही है ! 

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