हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी की प्रदेश स्तरीय हुई बैठक, छह जनवरी को पूरे प्रदेश में निकाला जाएगा मशाल जलूस

हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी की प्रदेश स्तरीय हुई बैठक, छह जनवरी को पूरे प्रदेश में निकाला जाएगा मशाल जलूस

रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, 7-8 जनवरी को चक्का जाम का लिया निर्णय

कर्मचारी नेता बोले, सरकार की तानाशाही व हठधर्मिता के चलते कर्मचारी आंदोलन करने पर है मजबूर

रोहतक, 29 दिसम्बर। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 7-8 जनवरी को प्रदेश में चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। साथ ही छह जनवरी को पूरे प्रदेश में मशाल जलूस निकाल कर सरकार की जनविरोधी नीतियों बारे भी अवगत कराया जाएगा। यह निर्णय सुखपुरा चौक स्थित कर्मचारी भवन में हुई हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी की प्रदेश स्तरीय बैठक में लिया गया।
कमेटी के वरिष्ठ सदस्य वीरेन्द्र सिंह धनखड़, इन्द्र सिंह बधाना, दलबीर किरमारा, अनूप सहरावत ने कहा कि सरकार की तानाशाही व हठधर्मिता के चलते आज प्रदेश का कर्मचारी आंदोलन करने पर मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत बसे चलाने के फैसले पर अडिग है।
उनका कहना था कि इससे पहले भी सरकार ने 510 प्राइवेट बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चलाने का प्रयास किया था और इसमें करीब साढ़े नौ सौ करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया था। सरकार ने घोटाले में शामिल दोषियों को सजा देने की बजाए 190 किलोमीटर स्कीम की ही बसे चलाने का निर्णय लिया है, जिससे साबित होता है कि सरकार किलोमीटर स्कीम घोटाले को दबा कर अपने चहेते पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है और जनता से सीधा सरोकार रखने वाले परिवहन विभाग का निजीकरण करने पर तुली है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि प्रदेश के रोडवेज कर्मचारी इसे किसी कीमत पर सहन नहीं करेंगे। गत वर्ष भी इसी स्कीम के विरोध में लगातार 18 दिन प्रदेश में हडताल की गई थी, जोकि आज तक इतिहास में सबसे लम्बी सफल हडताल थी, जिससे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप करके खुलवाया था।

कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा से भी सवाल किया कि वह किलोमीटर स्कीम के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करें।
गौरतलब है कि गत वर्ष की सफल हड़ताल में मौजूदा उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व प्रतिपक्ष नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कर्मचारियों का समर्थन किया था जबकि सत्ता में सांझेदार उप मुख्यमंत्री चौटाला आज क्यों इस विषय को लेकर चुप हैं। कर्मचारी नेताओं ने सरकार को स्पष्ट चेताया कि लोकतांत्रिक तरीके से की जा रही हड़ताल में शासन या प्रशासन द्वारा कहीं भी दमनकारी नीति अपनाई गई तो कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने प्रदेश की जनता व सभी कर्मचारी संगठनों से अपील कि 7-8 जनवरी को अपनी यात्रा का कार्यक्रम स्थगित करते हुए जनहित में की जाने वाली हड़ताल में रोडवेज को बचाने के लिए सहयोग करें।
इस अवसर पर तालमेल कमेटी के वरिष्ठ नेता सरबत सिंह पुनिया, ओमप्रकाश ग्रेवाल, दिनेश हुड्डा, पहल सिंह तंवर, आजाद गिल ने अपने विचार रखे।

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