मुकेश अंबानी बनकर करते थे फोन, पाकिस्तानी ठगों के साथ मिलकर देश के हजारों लोगों को लूटा

मुकेश अंबानी बनकर करते थे फोन, पाकिस्तानी ठगों के साथ मिलकर देश के हजारों लोगों को लूटा

मुकेश अंबानी बनकर करते थे फोन, पाकिस्तानी ठगों के साथ मिलकर देश के हजारों लोगों को लूटा

बिलासपुर (ब्यूरो) -: बिलासपुर पुलिस ने ठगी करने वाले 5 युवकों को गिरफ्तार किया है। यह वही युवक हैं जिन्होंने कुछ महीने पहले खुद को जियो कंपनी का मालिक मुकेश अंबानी बताकर सीपत क्षेत्र के नगर सैनिक से 65 लाख की ठगी की थी। इन युवकों को पुलिस ने मुंबई, मध्यप्रदेश, ओडिशा से गिरफ्तार किया है। यह युवक पाकिस्तान के शातिर ठगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी करते थे। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इनका गिरोह डिजिटल करेंसी से रकम की हेराफेरी करते थे। पाकिस्तान के अलावा सऊदी अरब व मलेशिया के अपराधियों के साथ ये संपर्क में थे। ठगों के पास से पुलिस को 3 लैपटॉप, 13 मोबाइल, 15 लाख रुपए, एटीएम कार्ड, पासबुक मिले हैं। इनके द्वारा बैंक में जमा कराए करीब 27 लाख रुपए को पुलिस ने ब्लाक कराया है।
सीपत क्षेत्र के ग्राम हरदाडीह निवासी नगर सैनिक जनकराम पटेल को जनवरी में एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को जियो का मालिक मुकेश अंबानी बताया और 2 करोड़ रुपए देने का झांसा दिया। कभी जीएसटी तो कभी प्रोसेसिंग के नाम पर जनकराम से 65 लाख रुपए कई महिनों में ठग लिए गए। जमीन बेचकर और जमा बचत से निकालकर मोटी रकम जनक ने ठगों के नाम कर दी थी। जब ठगों ने इनसे बात बंद कर दी तो पुलिस के पास शिकायत लेकर आए।
पुलिस ने खातों और ट्रांजेक्शन की जांच के आधार पर रीवा के विराट सिंह को पकड़ा। इसने पूछताछ में बताया कि वह पाकिस्तान के असरफ और असगर व सलीम के लिए काम करता है। इन पाकिस्तानी शातिरों से उसकी वॉट्सऐप कॉल पर बातचीत होती थी। विराट सिंह उन्हें कई खातों के नंबर देता था। रकम भी जमा करवाता था। विराट अपना कमीशन काटकर पाकिस्तानी शातिरों को पैसे भेजता था। पुलिस ले जांच में पाया कि हजारों लोगों को अपनी बातों में उलझाकर इन युवकों ने कई बैंक खातों में रुपए जमा किए। खाता नंबरों की जांच करते हुए पुलिस इन तक पहुंची।
विराट की मदद से पुलिस इसके साथी शिवम् व संजू तक पहुंची। इन्हें मध्यप्रदेश के देवास से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद मुंबई से राजेश को पकड़ा गया। यह सभी मिलकर कई खातों को ऑपरेट कर रहे थे और ठगी की रकम की हेराफेरी कर रहे थे। यह ठग डिजिटल करेंसी, बीट क्वाइन में बदल कर रकम को विदेशी खातों में भेजते थे। इस काम में ओडिशा का सीताराम इनकी मदद करता था। पुलिस की एक टीम ने सीताराम को भी गिरफ्तार किया। इनके कुछ अन्य साथी फरार हैं, जिन्हें पुलिस जल्द ही पकड़ने का दावा कर रही है। अब आईजी दीपांशु काबरा व एसपी प्रशांत अग्रवाल ने इस ठग गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
एसपी ने बताया कि लोगों को पाकिस्तानी नंबरों से फोन करके ठग केबीसी का विनर बनने, लॉटरी लगने जैसी बातें कहते हैं। कुछ लोग इनकी बातों में आ जाते हैं और फिर कभी प्रोसेसिंग फीस, अकाउंट में ट्रांजेक्शन शो करने, जीएसटी वगैरह के नाम पर लाखों ठग लेते हैं। इन नंबरों का इस्तेमाल ठगी में हो रहा है – 923137298150, 923010483276, 923236842411, 923324337688, 923037531483, 923006075119, 923096781889, 923026550885, 923151718848, +923037717314, 923013652992, 923030020190, 923016739968 ,923022601283, 923036069794, 92300836500, 923037614993 916399064540, 919648860030, 917354679280, 918815383283,917354679280। एसपी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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