मानसा में मुखबिरी के आरोप में नौजवान की हत्या करने वाले 6 लाेगाें को उम्रकैद

मानसा में मुखबिरी के आरोप में नौजवान की हत्या करने वाले 6 लाेगाें को उम्रकैद

मानसा(Bharat9): मुखबिरी का आरोप लगा मानसा के गांव घरागना में 20 साल के नौजवान का बेरहमी से कत्ल करने वाले छह लोगों को एडिशनल सेशंस जज की अदालत ने उम्रकैद और 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। 2016 में घटी कत्ल की इस वारदात में सुखचैन सिंह उर्फ पाली नामक नौजवान का 6 लोगों ने न केवल तेजधार हथियारों से कत्ल किया बल्कि नौजवान की एक टांग भी काट कर ले गए थे।

कोर्ट का फैसला आने के बाद हालांकि मृतक के परिजन इस सजा से संतुष्ट नही हैं और परिवार का तर्क था कि उनके बेटे के हत्यारों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी। गांव घरांगणा में अवैध शराब का धंधा करने वाले सुखचैन सिंह उर्फ पाली ने शराब का धंधा छोड़ दिया था। मगर इलाके के शराब कारोबारियों को शक था कि वो उनके कारोबार की मुखबिरी करता है।

जिस कारण आरोपियों ने 10 अक्टूबर 2016 को इकट्ठे होकर सुखचैन सिंह को घेर लिया और तेजधार हथियारों से काट कर उसका कत्ल कर दिया। नौजवान का कत्ल करने के बाद हैवानियत का प्रदर्शन करते हुए हमलावर उसकी एक टांग भी काट कर ले गए। वारदात के बाद थाना कोटधरमू पुलिस ने नौजवान के पिता रेशम सिंह के बयानों पर 6 आरोपियों बलवीर सिंह, हरदीप सिंह, अमनदीप सिंह, साधू सिंह वासी घरागणा, सीता सिंह वासी माखा व बबरीक सिंह वासी नंगल खुर्द को कोर्ट में पेश किया था।

कोर्ट का आदेश-पीड़ित परिवार काे दी जाए जुर्माने की रकम
पीड़ित परिवार के वकील जसवंत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि 3 साल चली अदालती प्रक्रिया के पश्चात अतिरिक्त सेशन जज दिनेश कुमार की अदालत ने 6 लाेगाें बलवीर सिंह उर्फ काला, हरदीप सिंह, साधु सिंह, बबरीक सिंह उर्फ बिट्टू, सीता सिंह तथा अमनदीप सिंह उर्फ बिट्टा को उम्रकैद के अलावा 25-25 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि अदालत ने जुर्माना की रकम पीड़ित परिवार को दिए जाने का आदेश दिया है।

उन्होंने बताया कि परिवार आरोपियों के लिए फांसी की सजा चाहता था जिस कारण हम इस फैसले की अपील भी दायर करेंगे। अदालत में सजा सुनाए जाने के समय कटहरे में खड़े दाेषियाें से जब जज ने उनका पक्ष सुना तो दाेषियाें ने न्यायधीश से रहम की भीख मांगी, लेकिन न्यायधीश ने आरोपियों द्वारा युवक की बेरहमी से की गई हत्या को क्रुरता व नृशंस हत्या मानते हुए अपना फैसला सुनाते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *