भूमाफियाओं पर होगी जबरदस्त करवाई , प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने उठाया ये कदम !

भूमाफियाओं पर होगी जबरदस्त करवाई , प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने उठाया ये कदम !

जीडीए ने दिए सर्वे करने के आदेश
करीब 51 हेक्टेयर जमीन पर हो गया कब्जा
प्रांजल गुप्ता, पीलीभीत :-
 सत्ता में काबिज हुई भाजपा सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने भूमाफियाओं, गैंगस्टर, बलात्कारियों, इनामिया बदमाशो आदि पर कड़ी कार्यवाही करने के आदेश जारी किए। यूपी के पीलीभीत जिले की अगर बात की जाए तो यहां प्रशासनिक अधिकारी व कुछ पुलिसकर्मी इसके विपरीत काम नजर आ रहे है। यहां प्लाट स्वामी को एक भूमाफिया की शिकायत करना महंगा पड़ गया। दरअसल मामला थाना जहानाबाद से जुड़ा हुआ है। आपको बता दे कि थाना जहानाबाद इलाके के कस्बे में शाही मार्ग पर एक खाली प्लाट है जिसको विजय कुमार गुप्ता ने अपनी पत्नी उषा देवी के नाम से सन 1992 में मकान बनाने के लिए खरीदा था। पर किसी कारण वश उस प्लाट की बाउंड्री कराए बिना ही जहानाबाद कस्बा छोड़ कर बरेली जनपद में बस गए। बही अब उस खाली पड़े प्लाट पर एक भूमाफिया की नजर पड़ गयी। जिसकी सूचना मिलते ही प्लाट स्वामी विजय कुमार गुप्ता ने फ़ोन द्वारा थानाध्यक्ष को इसकी जानकारी दी जिसके बाद मौके पर पहुँचे थानाध्यक्ष ने पेड़ कटने से रुकवाया साथ ही मौके से दो लोगो को गिरफ्तार किया जिसके बाद बिना किसी कार्यवाही के छोड़ दिया गया। बही कुछ दिन बीतने के बाद भूमाफिया के हौसले और बुलंद हो गए इस बार भूमाफिया ने अपने गुर्गों की मदद से सुबह 6 बजे से साढ़े सात बजे के बीच प्लाट पर कब्जा करने की नीयत से प्लाट पर गेट लगाने का प्रयास किया।

बही इसके बाद मामले की लिखित शिकायत सीओ सदर प्रमोद कुमार से की गई तब सीओ सदर प्रमोद कुमार ने थानाध्यक्ष हरिशबर्धन को फ़ोन कर अवैध निर्माण को हटवाने का निर्देश दिया। पर इसके बाद भी प्लाट पर हुए अवैध निर्माण को हटवाया नही गया। पर कहानी यहां उल्टी हो गयी प्लाट स्वामी और उसके पुत्र के खिलाफ 107/116 के तहत एक पक्षीय कार्यवाही कर दी गयी। बही अब सवाल यह है कि जब प्लाट स्वामी के पास प्लाट की रजिस्ट्री व बैनामा है और उसके द्वारा भूमाफिया की लिखित शिकायत की गई और न तो पीड़ित प्लाट स्वामी के द्वारा भी कोई निर्माण कार्य किया गया। जबकि भूमाफिया के द्वारा प्लाट पर कब्जा करने की नीयत से प्लाट पर गेट लगवाया गया तो भूमाफिया पर कार्यवाही करने की बजाय पीड़ित प्लाट स्वामी व उसके पुत्र के खिलाफ 107/116 के तहत कार्यवाही क्यो की गई। जबकि 107/116 की कार्यवाही शांति भंग या दो पक्षो में हुए झगड़े के मामले में की जाती है। पर यहां न तो कोई झगड़ा हुआ न कोई किसी प्रकार की शांति भंग की गई। बल्कि सिर्फ प्लाट स्वामी की ओर से फ़ोन द्वारा व लिखित शिकायत की गई थी। तो शांति भंग करने का कोई सवाल ही पैदा नही होता है।

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