बंगाली परिवार का हिमाचल में लॉकडाउन, कुछ दिन का टूर बना 56 दिन का लाकडाउन

बंगाली परिवार का हिमाचल में लॉकडाउन, कुछ दिन का टूर बना 56 दिन का लाकडाउन

1. दो महीने से सुंदरनगर में फसा पश्चिम बंगाल का एक परिवार
2. हिमाचल घूमने के लिए लिया था 45 हजार रुपए का टुर पैकेज
3. टूर पैकेज वालों ने भी परिवार को सुंदरनगर में छोड़ कर झाड़ लिया पल्ला,
4. 21 मार्च से फसा है पश्चिम बंगाल का यह परिवार
5. लॉकडाउन की अवधि को लेकर परिवार में बढ़ी चिंता
6. सुंदरनगर के एक परिवार ने दी परिवार को अपने घर में शरण
7. पश्चिम बंगाल के परिवार का कहना- “जीते जी नहीं भूल सकते बंसल परिवार का कर्ज”
8. आपदा की घड़ी में इस परिवार की सहायता करने का मिला सौभाग्य- केएस बंसल

सुंदरनगर(नितेश सैनी)। विश्व भर में फैली कोरोना महामारी से जहां देश पर संकट है तो कोरोना के लगातार बढ़ते मामले चिंता का विषय बनते जा रहे हैं और जब से देश में लॉक डाउन घोषित किया गया है तब से लाखो लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्यो में जाने के लिए परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में भी देखने को मिला है। जहां पिछले 2 महीने से पश्चिम बंगाल का एक परिवार फसा है और घर जाने की आस लगाए बैठा है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता के 4 सदस्य 21 मार्च से सुंदरनगर में फसा है और अपनी घर वापसी को लेकर इंतजार कर रहे है।आपको बतादे यह परिवार हिमाचल प्रदेश घूमने के लिए 45 हजार रुपए का टूर पेकेज लेकर आया था। लेकिन टूर पैकेज वालों ने भी इस परिवार को सुंदरनगर में छोड़ कर अपना पल्ला झाड़ लिया है। कोलकाता निवासी स्वजल मंडल, पत्नी रुपाली मंडल, बेटी फेंटासी मंडल और बेटा आबिर मंडल 16 मार्च को कालका से रेल के जरिये शिमला पहुंचे थे। वहां से ये लोग 18 मार्च को मनाली रवाना हुए। तब तक कोरोना वायरस ने देश में हड़कंप मचा दिया था। ये लोग वापस जाने के लिए 21 मार्च को टैक्सी करके निकले। टैक्सी चालक ने उन्हें सुंदरनगर छोड़ दिया। बतादे 22 मार्च को जनता क‌र्फ्यू और उसके बाद लॉकडाउन हो गया।

इन लोगों ने कोलकत्ता में अपने पड़ोसियों से कुछ पैसे फोन करके मंगवाए जो खाने-पीने और होटल के कमरे के किराये में खत्म हो गए। हालांकि परिवार की मजबूरी को देखते हुए उन्हें एक और कमरा बिना किराये के दे दिया है। इन लोगों का दो बार रेल और हवाई टिकट रद्द हो चुका है। परिवार की चिता है कि अगर लॉकडाउन की अवधि लंबी होती है तो उनका क्या होगा। वहीं जब इस परिवार के सुंदरनगर में फ़से होने की सुचना सुंदरनगर के स्थानीय निवासी केएल बंसल और उन के बेटे प्रकाश चंद बंसल को लगी तो उन्होने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। वहीं पीडित परिवार ने हिमाचल आने की पूरी जानकारी सुंदरनगर के बंसल परिवार से साझा की तो बंसल परिवार ने पश्चिम बंगाल के इस परिवार को अपने घर में शरण दी और इन्हें खाने-पीने की हर चीज भी उपलब्ध करवानी शुरू कर दी ।साथ ही उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में इस परिवार के साथ हर पल खड़ा है उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें इस परिवार की सहायता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।वहीं पश्चिम बंगाल के परिवार की बेटी फेंटासी मंडल का कहना है कि जब से देश में लॉकडाउन चला है तब से हम सुंदरनगर में फंसे हैं और बंसल परिवार के ने हमें अपने घर में शरण दे रखी है उनका कहना है कि बंसल परिवार का कर्ज़ हम जीते जी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि हमारा हिमाचल सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार से आग्रह है कि उनके घर जाने की व्यवस्था बनाई जाए।

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