गेहूं की फसल के लिए ठंड राहत बनकर पड़ रही है। सुबह तापमान में गिरावट से फुटाव अछा हो रहा है और दिन के समय निकली धूप प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया से पौधे को भरपूर खुराक मिल रही है। खेत

गेहूं की फसल के लिए ठंड राहत बनकर पड़ रही है। सुबह तापमान में गिरावट से फुटाव अछा हो रहा है और दिन के समय निकली धूप प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया से पौधे को भरपूर खुराक मिल रही है। खेत

गेहूं की फसल के लिए ठंड राहत बनकर पड़ रही है। सुबह तापमान में गिरावट से फुटाव अच्छा हो रहा है और दिन के समय निकली धूप प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया से पौधे को भरपूर खुराक मिल रही है। खेतों में फसल खूब लहलहा रही है और कृषि अधिकारी बेहतर पैदावार होने की बात कह रहे हैं। उनके मुताबिक तापमान पूरी तरह गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है। इससे फसल को फायदा होगा। इन दिनों ठंड जितनी अधिक होगी, फसल का फुटाव उतना ही बेहतर होगा जोकि अव्वल पैदावार का आधार बनेगा। यमुनानगर में 90 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की फसल लहलहा रही है। इनसेट

किस जिले में कितना रकबा

जिला एरिया (हेक्टेयर में)

हिसार 2 लाख 25 हजार

फतेहाबाद 1 लाख 90

सिरसा 2 लाख 98

भिवानी 1 लाख 20

रोहतक 1 लाख 05

झज्जर 1 लाख 06

सोनीपत 1 लाख 50

गुरुग्राम 45 हजार

फरीदाबाद 32 हजार

करनाल 1 लाख 78

पानीपत 85 हजार

कुरुक्षेत्र 1 लाख 15

कैथल 1 लाख 75

अंबाला 86 हजार

पंचकूला 18 हजार

यमुनानगर 90 हजार

जींद 2 लाख 17

महेंद्रगढ़ 50 हजार

रेवाड़ी 47 हजार

मेवात 78 हजार

पलवल 96 हजार

चरखी दादरी 17 हजार नसेट

आगामी दिनों में यह रहेगा मौसम

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आगामी दिनों में बादल छाए रहने व बारिश के असार हैं। शुक्रवार को अधिकतम अधिकतम 18 व न्यूनतम तापमान सात, शनिवार को अधिकतम 18 व न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस, रविवार से लेकर बुधवार तक मौसम में बदलाव संभावित है। इस दौरान न्यूनतम तापमान छह व अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बूंदाबांदी व ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभकारी बताया जा रहा है, जबकि सरसों व सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. राकेश जांगड़ा के मुताबिक इन दिनों मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल हैं। अच्छी पैदावार के संकेत हैं। बिजाई के 21 दिन के बाद 55 दिन तक फुटाव होता है। किसान समय पर फसल की हल्की सिचाई करें। पहली सिचाई बिजाई के 21 दिन बाद, दूसरी 45 दिन बाद व तीसरी सिचाई 65 दिन बात करें। पोषक तत्वों की कमी के कारण यदि फसल पर पीलापन है तो जिक या यूरिया का छिड़काव कर दें।

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