खेतों को सिंचाई पानी न मिलने पर गांव वासियों ने किया ये काम !

खेतों को सिंचाई पानी न मिलने पर गांव वासियों ने किया ये काम !

गांव के किसानों ने खटखटाया अधिकारियों का दरवाजा 

कलायत, रणदीप धानिया:-
खेतों को सिंचाई पानी न मिलने से कलायत गांव के किसानोंमें सरकार-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है। तीनों गांवों के किसानों ने पहले सिंचाईके महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर बैठक की। उपरांत सिरसा ब्रांच स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय मेंडेरा डाला। किसानों का कहना था कि जब तक उनके प्यासे खेतों के लिए सिंचाई पानी कीव्यवस्था नहीं की जाती वे कार्यालय में डटे रहेंगे। उनका मकसद धरना-प्रदर्शन की बजाए वे शांति प्रिय ढंग से अपनी बात रखना है। बावजूद इसके यदि प्रशासन ने समस्या का हल नहीं किया तो वे कृषि उपकरणों के साथ सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर में धरती पुत्रों के समक्ष आ रही समस्या की प्रदर्शनी लगाएंगे। ताकि इस मामले में कोताही करने वाले अधिकारियों को हकीकत का आइना दिख सके। वे काफी समय से प्रशासन को हालातों से रूबरू करवाते आ रहे हैं। स्थिति जस की तस है। एक तरफ सरकार हैड से टेल तक पानी पहुंचाने के दावे करती है। दूसरी तरफ खेत पानी की बूंद-बूंद से तरस रहे हैं। ऐसे में भला कैसे फसल लहलहाएंगे। हरित क्रांति का सपना और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना पानी के पानी असंभव है। कहीं न कहीं जान बूझकर नहरों में पानी कम छोड क़र किसानों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसाया जा रहा है। ज्यादा समस्या जुलाई माह सेगहराई है। विभाग के कर्मचारी अपनी मनमर्जी से हैड से इन नहरों का पानी बंद व खोल देते हैं। हैड खोलने से उनके हिस्से का पानी आगे चला जाता है। पर्याप्त पानी न मिलने से उनकी धान की फसल सूखने के कगार पर है।   
कहां गायब हो जाते हैं कर्मचारी: –
 नहर में बेहद कमपानी रहने से उनके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण नहर में लगे सरकारीराइस सूट में पानी नहीं चढ़ रहा। अन्नदाता हताश और निरास है। किसानों ने आरोपलगाया कि सिरसा ब्रांच हैड पर जिन कर्मचारियों की ड्यूटि है वे शाम ढलते ही वहांसे गायब हो जाते है। उन्होंने सिंचाई विभाग अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता और एसडीओ इस मामले मेंसंज्ञान लेते हुए कार्रवाई की मांग की। 
नहीं आने दी जाएगी समस्या: –
 सिंचाई विभाग उपमंडल अभियंता ने बताया कि विभाग किसानों की समस्या को लेकर संजीदा है। किसानों नेजो पहलु विभाग के समक्ष रखे हैं उनकी जांच होगी। किसी प्रकार की लापरवाही करनेवाले कर्मी के खिलाफ कार्रवाई तय है। एसडीओ के आश्वासन के उपरांत किसान घरों कोलौट गए। 

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