कुआं खाई के बीच फंसा बंगाली परिवार, कोरोना कहर के बाद अम्फान ने रोके बंगाल परिवार के वापसी के कदम

कुआं खाई के बीच फंसा बंगाली परिवार, कोरोना कहर के बाद अम्फान ने रोके बंगाल परिवार के वापसी के कदम

• बंगाल के एक परिवार की बढ़ी मुश्किलें
• 21 मार्च से सुंदरनगर में फंसा बंगाली परिवार
• बंगाली परिवार ने घर जाने के लिए की तैयारी
• लेकिन एक मुसिबत टली, दूसरी आई सामने
• सुपर साइक्लोन अम्फान ने फिर घर जाने से रोका

सुंदरनगर(नितेश सैनी)। कोरोना वायरस के चलते 21 मार्च से सुंदरनगर में फंसे बंगाल के एक परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले कोरोना के कारण वह हिमाचल के सुंदरनगर में फंस गए और अब सुपर साइक्लोन अम्फान ने एक बार फिर कोलकाता के परिवार के वापसी के कदम रोक दिए हैं। वहीं 20 मई को ऊना से चलने वाली स्पेशल ट्रेन में जिला प्रशासन की ओर से प्रबंध किए गए थे, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने इस तुफान की वजह से कोलकाता के इस परिवार की वापसी की उम्मीद एक बार फिर टूट गई है। वहीं प्रशासन ने तुफान के रुकने के बाद अगली व्यवस्था तक यहीं पर रहने को इन लोगों को कहा गया है।

साथ ही फेंटासी मंडल ने कहा कि दो महीनों की ज्यादा अवधि के बाद 20 मई को ऊना से चलने वाली स्पेशल ट्रेन से वापस घर जा रहे थे। लेकिन सुपर साइक्लोन ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा ट्रस्ट के चेयरमैन केएल बंसल और संस्थापक प्रकाश बंसल के स्वजनों ने उन्हें अपने परिवार के सदस्यों की तरह प्यार दिया है। इतनें दिनों ऐसा नहीं लगा कि किसी अंजान के घर रह रहे हैं। फेंटासी ने बताया कि 45 हजार रुपये के टूर पैकेज के साथ वह यहां पहुंचे थे।

कुछ दिनों तक सुंदरनगर के पुंघ स्थित एक होटल में रहे और अब 4 मई से चतरोखड़ी स्थित बंसल परिवार ने उन्हें अपने घर में आसरा दिया है। डीएसपी सुंदरनगर गुरबचन सिंह ने दो दिन पहले इस परिवार के सदस्यों से मुलाकात उनका हाल जाना। उन्होंने संकट की इस घड़ी में कोलकाता के इस परिवार को आसरा देने के लिए बंसल परिवार की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें अगले निर्देशों तक यहीं टिके रहने को कहा है।

Published By: Pooja Saini

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