असंगठित श्रमिकों की जिंदगी बदल देगा नया पोर्टल – डिप्टी सीएम

असंगठित श्रमिकों की जिंदगी बदल देगा नया पोर्टल - डिप्टी सीएम

हर परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार का मकसद – दुष्यंत चौटाला
मील का पत्थर साबित होगी परिवार पहचान पत्र योजना – उपमुख्यमंत्री 
चंडीगढ़ (ब्यूरो) :
 अब प्रदेश में असंगठित क्षेत्र से जुड़ा कोई भी श्रमिक सरकार की ओर मिलने वाली  योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। इतना ही नहीं सरकार स्वयं कामगारों को सूचित कर घर बैठे ही उनका हक पहुंचाने का काम करेगी, बस इसके लिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। प्रदेश उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पंचकुला में मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा लॉन्च किए गए पोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के असंगठित श्रमिकों के हित के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए उनके पंजीकरण के लिए एक वेब पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से जहां राज्य के असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण करके डाटा तैयार होगा तो वहीं उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि आज असंगठित श्रमिकों का डाटा न होने की वजह से उन्हें कोई भी मॉनिटर नहीं कर पाता है और वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते है। उन्होंने बताया कि जितने भी सरकार के पास रजिस्टर्ड वर्कर थे, उन्हें परिवार पहचान पत्र के डाटा से सिंक किया।

उन्होंने कहा कि इस दौरान यह भी देखने को मिला कि कई जगहों पर टेक्नोलॉजी न होने की वजह से अन्य लोग फायदा उठा रहे थे और जिन्हें यह मदद मिलनी चाहिए थी वे वंचित रह गये। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के संकट के बीच सरकार ने जनता तक पहुंचाने वाली सुविधाओं में आने वाली परेशानियों को अवसर बनाया और इन्हें दुरुस्त करने की दिशा में मजबूती के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान चाहे डिस्ट्रेस राशन टोकन वितरित करने की बात हो या रोजगार पोर्टल, मिस्ट्री एप आदि लॉच करना हो, सरकार ने ऐसे तमाम कदम जनहित में उठाए। डिप्टी सीएम ने बताया कि इसी वर्ष 26 जनवरी, 2020 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर गांव सिरसी को लाल डोरा से मुक्त करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश सरकार ने परिवार समृद्धि योजना को लॉच किया था। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छह महीने के कम समय में 80 प्रतिशत से ज्यादा प्रदेश की आबादी (करीब 1 करोड़ 94 लाख लोग/56 लाख परिवार) को परिवार पहचान पत्र से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि जिस प्रगति से इस योजना पर कार्य चल रहा है, इसके अनुसार प्रदेश सरकार आगामी 40 दिनों में ही 100 प्रतिशत हरियाणा के लोगों को परिवार पहचान पत्र योजना से जोड़ने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं प्रदेश का नागरिक सरकार द्वारा उसे मिलने सभी योजनाओं को पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) के माध्यम से एक क्लिक के साथ देख सकेगा तो वहीं सरकार बेहतर तरीके से प्रदेशवासियों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं को उन तक पहुंचाने का कार्य कर सकेगी।

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